नमस्ते दोस्तों! महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU), बीकानेर ने B.A. Semester-2 (June 2026) का रिजल्ट आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। जो विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे और बेसब्री से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे थे, वे अब यूनिवर्सिटी के नए ERP पोर्टल पर जाकर अपनी प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।
सबसे पहले उन सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ जो इस सेमेस्टर में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण (Pass) हुए हैं! सेमेस्टर 2 के साथ ही आपका प्रथम वर्ष (First Year) पूरा हो चुका है और अब आप सभी अपनी ग्रेजुएशन के द्वितीय वर्ष यानी B.A. सेकंड ईयर (Semester 3 और Semester 4) में प्रवेश कर चुके हैं। वहीं जिन विद्यार्थियों के किसी विषय में या अनिवार्य विषय में Back (BPROM) आई है, उन्हें भी घबराने या निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। इस ब्लॉग में हम सब कुछ बिल्कुल आसान भाषा में, Step-by-Step समझेंगे: रिजल्ट कहाँ और कैसे देखें, मार्कशीट का हर एक कॉलम और ग्रेडिंग सिस्टम क्या कहता है, अनिवार्य विषय (General Hindi / General English) और मुख्य विषयों के पासिंग मार्क्स का नियम क्या है, Back आने पर क्या करें, Revaluation (रीचेकिंग) कैसे करवाएं, Back का एग्जाम कब होगा और अब आगे Semester 3 के फॉर्म व एग्जाम कब होंगे।
जैसा कि आप जानते हैं, पुराने Yearly System का रिजल्ट univindia.net/MGSU/mainpage.php पर आता था, लेकिन सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद सभी सेमेस्टर के रिजल्ट नए ERP Portal पर जारी हो रहे हैं: erp.univindia.net। इस नए पोर्टल का इंटरफेस काफी आसान और मोबाइल-फ्रेंडली है, जहाँ स्टूडेंट अपने पैनल में लॉगिन करके सारे रिकॉर्ड देख सकते हैं।
बहुत से विद्यार्थियों को सेमेस्टर सिस्टम (CBCS - Choice Based Credit System) की नई मार्कशीट को समझने में कन्फ्यूजन होता है कि कितने नंबर का पेपर था, प्रैक्टिकल के कितने जुड़े, अनिवार्य विषय का क्या नियम था और ग्रेड कैसे बने। चलिए इसे एकदम सरल भाषा में समझते हैं।
NEP-2020 और यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर नियमों के अनुसार आपके B.A. Semester 1, Semester 2, Semester 3 और Semester 4 — ये चारों ही सेमेस्टर 500-500 अंकों (Total 20 Credits प्रत्येक सेमेस्टर) के होते हैं। Semester 2 में इन 500 अंकों का विभाजन इस प्रकार है:
150 × 3 = 450 अंक आपके तीनों मुख्य विषयों के होते हैं।4.5AECT21] में से जिस भी विषय का चयन किया था और परीक्षा दी थी, यह वही 50 अंकों का पेपर है।यूनिवर्सिटी के सिलेबस और स्कीम के अनुसार B.A. Semester 2 के अनिवार्य विषय (AEC) की संरचना इस प्रकार निर्धारित है:
| Paper Code | Paper Name | Code / Type | L - T - P | Total Credits | Internal Marks | External / Max Marks | Minimum Passing Marks |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
4.5AECT21 |
General English or General Hindi (सामान्य अंग्रेजी या सामान्य हिंदी) |
AEC | 2 - 0 - 0 | 2 Credits | 0 (लागू नहीं) | 50 अंक | 36 अंक |
आपके तीनों मेजर विषयों में नंबरों का बंटवारा इस बात पर निर्भर करता है कि वह विषय प्रैक्टिकल वाला है या बिना प्रैक्टिकल (Theory Only) वाला:
| विषय का प्रकार (Subject Type) | लिखित परीक्षा (EXT / Theory) | आंतरिक मूल्यांकन (INT / Mid-Term) | प्रैक्टिकल (Practical) | कुल अंक (Total) | कुल क्रेडिट (Credits) |
|---|---|---|---|---|---|
| बिना प्रैक्टिकल विषय (जैसे: History, Pol. Science, Hindi Lit., Sociology आदि) |
120 अंक | 30 अंक | लागू नहीं | 150 अंक | 6 Credits |
| प्रैक्टिकल वाला विषय (जैसे: Geography, Home Science आदि) |
80 अंक (Theory) | 20 अंक (Theory INT) | 50 अंक (40 EXT + 10 INT) | 150 अंक (100+50) | 6 Credits (4+2) |
| अनिवार्य विषय (AEC) General Hindi / General English (4.5AECT21) |
50 अंक (OMR/Ext) | — (0) | लागू नहीं | 50 अंक | 2 Credits |
प्रैक्टिकल विषय का नियम (जैसे Geography): मार्कशीट में प्रैक्टिकल वाले विषय की दो अलग-अलग पंक्तियाँ (Rows) दिखाई देती हैं — पहली लाइन थ्योरी पेपर की (80 नंबर एक्सटर्नल + 20 नंबर इंटरनल = 100 अंक, 4 क्रेडिट) और दूसरी लाइन प्रैक्टिकल की (Practical: 40 नंबर एक्सटर्नल प्रैक्टिकल + 10 नंबर इंटरनल = 50 अंक, 2 क्रेडिट)। दोनों मिलाकर यह विषय भी 150 अंक और 6 क्रेडिट का ही होता है।
DCCT22 और अनिवार्य विषय के लिए 4.5AECT21 आदि)।DCC का अर्थ है आपका मुख्य विषय (Discipline Centric Core) और AEC का अर्थ है अनिवार्य विषय (Ability Enhancement Course — सामान्य हिंदी / सामान्य अंग्रेजी)।EXT यानी यूनिवर्सिटी की मुख्य परीक्षा के अंक, INT यानी कॉलेज से भेजे गए आंतरिक (सत्रांक) अंक, और TOT यानी कुल पूर्णांक।0 रहता है।Earned Credit × Grade Point को गुणा करके निकाला जाता है (जैसे 6 क्रेडिट के विषय में 8 ग्रेड पॉइंट मिले, तो Credit Point = 6 × 8 = 48)।CBCS प्रणाली के अंतर्गत मुख्य विषयों में उत्तीर्ण (Pass) होने के लिए आपको न्यूनतम 36% अंक (D Grade) प्राप्त करना अनिवार्य है, जबकि अनिवार्य विषय (General Hindi / General English) के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स 50 में से 36 निर्धारित हैं:
4.5AECT21) में: यूनिवर्सिटी स्कीम के अनुसार इसमें पास होने के लिए 50 में से न्यूनतम 36 अंक लाना आवश्यक है।| अंकों का प्रतिशत (Range of Marks %) | लेटर ग्रेड (Letter Grade) | ग्रेड पॉइंट (Grade Point) | विवरण (Status) |
|---|---|---|---|
| 90% से 100% | O (Outstanding) | 10 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 80% से 89.99% | A+ (Excellent) | 9 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 70% से 79.99% | A (Very Good) | 8 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 60% से 69.99% | B+ (Good) | 7 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 50% से 59.99% | B (Above Average) | 6 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 40% से 49.99% | C (Average) | 5 | उत्तीर्ण (Pass) |
| 36% से 39.99% | D (Pass) | 4 | उत्तीर्ण (Minimum Pass) |
| 0% से 35.99% | F (Fail / Back) | 0 | बैक / अनुत्तीर्ण |
| अनुपस्थित (Absent) | AB (Absent) | 0 | अनुपस्थित (बैक) |
SGPA = कुल Credit Points का योग ÷ कुल Credits (20)। उदाहरण के लिए, यदि आपके सभी विषयों के Credit Points का जोड़ 150 है और कुल क्रेडिट 20 हैं, तो आपका SGPA = 150 ÷ 20 = 7.50 होगा।345 ÷ 5 = 69.00% आपके सेमेस्टर 2 के प्रतिशत हैं)। इसी तरह पूरे B.A. First Year (Sem 1 + Sem 2) का कुल प्रतिशत निकालने के लिए दोनों सेमेस्टर के प्राप्तांकों को जोड़कर 10 का भाग दे दें (क्योंकि दोनों सेमेस्टर मिलाकर कुल पूर्णांक 1000 होता है)।आपकी मार्कशीट के नीचे SEMESTER RESULT टेबल और RESULT REMARKS में कुछ शॉर्ट कोड लिखे होते हैं। क्रेडिट प्रतिशत (Earned Credit Percentage) के आधार पर इनका पूरा मतलब नीचे दिया गया है:
| Result Remark कोड | पूरा नाम (Full Form) | Earned Credit % | इसका आपके लिए क्या मतलब है? |
|---|---|---|---|
PPROM / PASS |
Pass Promoted / Pass | 100% (20 में से 20 क्रेडिट) | बधाई हो! आप सभी विषयों में पूर्ण रूप से पास हैं और बिना किसी बैक के B.A. Semester 3 (द्वितीय वर्ष) में प्रमोट हो गए हैं। |
BPROM / BACK |
Back Promoted | 50% या अधिक, पर 100% से कम (10 से 18 क्रेडिट) | आपके एक या अधिक विषय में Back (Due) रही है, लेकिन आप फेल नहीं हैं! आप अगले Semester 3 में जाने और उसका एग्जाम देने के लिए पूरी तरह पात्र (Promoted) हैं। बस आपको आगे चलकर इस बैक पेपर को क्लीयर करना होगा। |
FPROM / FAIL |
Fail Promoted / Fail | 50% से कम (10 क्रेडिट से कम) | अर्जित क्रेडिट 50% से कम रहने के कारण सेमेस्टर परिणाम अनुत्तीर्ण श्रेणी में आता है। |
EFNS |
Eligible For Next Semester | नियमानुसार पर्याप्त क्रेडिट | आप अगले सेमेस्टर (Semester 3) में प्रवेश और परीक्षा देने के लिए योग्य (Eligible) हैं। |
NEFNS |
Not Eligible For Next Semester | न्यूनतम आवश्यक क्रेडिट से कम | आवश्यक न्यूनतम क्रेडिट पूरे न होने के कारण अगले सेमेस्टर के लिए अपात्र। |
जिन भी साथियों की मार्कशीट में किसी एक या दो पेपर में F ग्रेड लगने से BPROM (Back Promoted) लिखा आया है, वे सबसे पहले यह समझ लें कि आपका साल खराब नहीं हुआ है! आप अपने सभी साथियों के साथ नियमित रूप से अगले सेमेस्टर यानी B.A. Semester 3 (Second Year) में जाएंगे और सेमेस्टर 3 के पेपर देंगे।
लेकिन हाँ, अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के लिए आपको Semester 2 के उस बकाया पेपर (Due Paper / Back Paper) को आगे चलकर क्लीयर करना अनिवार्य होगा। अगर आपको लगता है कि आपका मुख्य विषय का पेपर बहुत अच्छा हुआ था और आपके नंबर उम्मीद से काफी कम दिए गए हैं या आप सिर्फ 2, 4, 5 या 8 नंबर से बैक रहे हैं, तो निराश बिल्कुल न हों! अभी आपके पास Revaluation (पुनर्मूल्यांकन / रीचेकिंग) का सुनहरा मौका है।
यूनिवर्सिटी के सेमेस्टर सिस्टम में Odd-Even (विषम-सम) का सीधा नियम चलता है: Odd Semester (Sem 1, 3, 5) की बैक का एग्जाम Odd Semester के साथ होता है, और Even Semester (Sem 2, 4, 6) की बैक का एग्जाम Even Semester के साथ होता है। इसे बिल्कुल स्पष्ट रूप से ऐसे समझें:
कई बार कुछ विद्यार्थियों के रिजल्ट में नंबर या PASS/BPROM की जगह कुछ विशेष कोड आ जाते हैं। इनका अर्थ और समाधान नीचे दिया गया है:
AB (Absent): इसका अर्थ है कि आप उस विषय की परीक्षा में अनुपस्थित दिखाए गए हैं। यदि आपने वास्तव में पेपर नहीं दिया था, तो वह पेपर आपकी Back माना जाएगा। लेकिन यदि आपने परीक्षा दी थी और फिर भी गलती से AB आ गया है, तो तुरंत अपने कॉलेज या परीक्षा केंद्र से अपनी उपस्थिति शीट (Attendance Sheet) का प्रमाण लेकर यूनिवर्सिटी के परीक्षा अनुभाग में संपर्क करें।RW / RL (Result Withheld / Result Later): इसका मतलब है कि किसी तकनीकी कारण, दस्तावेज की कमी या आंतरिक अंकों (Internal/Practical Marks) के कॉलेज से अपडेट न होने के कारण आपका रिजल्ट अस्थायी रूप से रोका गया है। ऐसे विद्यार्थी अपने कॉलेज में संपर्क करें, कुछ दिनों में यह अपडेट होकर सही हो जाता है।EX1 / अन्य कोड: यदि एनरोलमेंट या पुराने रिकॉर्ड से संबंधित कोई पेंडेंसी होती है तो ऐसे रिमार्क आते हैं, जिसके लिए आपको अपने महाविद्यालय के माध्यम से यूनिवर्सिटी से संपर्क करना होता है।B.A. Semester 2 का रिजल्ट आने के बाद हर विद्यार्थी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि "सर, अब Semester 3 के एग्जाम फॉर्म कब से शुरू होंगे और सेमेस्टर 3 के एग्जाम कब होंगे?"
बिल्कुल नहीं! BPROM (Back Promoted) का मतलब है कि आप अगले सेमेस्टर (Semester 3) में प्रमोट हो चुके हैं। आपको पूरा सेमेस्टर दोबारा नहीं करना है। आप सेमेस्टर 3 की नियमित पढ़ाई करेंगे और जिस एक या दो पेपर में F ग्रेड (बैक) आया है, केवल उसी पेपर का एग्जाम आगे Semester 4 के साथ (या अभी Revaluation लगाकर) क्लीयर करेंगे।
B.A. Semester 2 में अनिवार्य विषय (AEC - 4.5AECT21: सामान्य हिंदी या सामान्य अंग्रेजी) का पेपर 50 अंकों और 2 क्रेडिट का होता है। यूनिवर्सिटी स्कीम के अनुसार इसमें पास होने के लिए 50 में से न्यूनतम 36 अंक लाना अनिवार्य है।
जी हाँ! सेमेस्टर सिस्टम (CBCS) में अनिवार्य विषय (AEC) के 2 क्रेडिट और 50 अंक आपके कुल 500 अंकों तथा SGPA/CGPA दोनों में जुड़ते हैं और इसमें भी पास होना अनिवार्य है। अगर इसमें 36 से कम अंक आते हैं तो इस पेपर में Back लगती है, जिसका एग्जाम Semester 4 के साथ देना होता है।
यदि आपकी Semester 1 में कोई बैक (Due Paper) पड़ी है, तो उसका एग्जाम अभी आगामी B.A. Semester 3 के एग्जाम के साथ ही लगेगा। जब आप अभी सेमेस्टर 3 का परीक्षा फॉर्म भरेंगे, तो उसी में आपको अपने सेमेस्टर 1 के बैक पेपर को भी सिलेक्ट करना होगा।
चूँकि Semester 2 एक Even सेमेस्टर है, इसलिए इसकी बैक (Due Paper) का एग्जाम तब होगा जब आप आगे B.A. Semester 4 के मुख्य एग्जाम देंगे।
सेमेस्टर 1 (500 अंक) और सेमेस्टर 2 (500 अंक) दोनों को मिलाकर आपका पूरा प्रथम वर्ष 1000 अंकों का होता है। दोनों सेमेस्टर में आपके जितने कुल नंबर आए हैं, उन्हें जोड़कर 10 का भाग दे दीजिए—वही आपके पूरे B.A. First Year का प्रतिशत (%) है।
नहीं, आपके तीनों मुख्य विषय (Major / DCC Subjects) वही रहेंगे जो आपके पास Semester 1 और Semester 2 में थे। केवल उन विषयों के अंदर की किताबें/पेपर का नाम और अनिवार्य विषय (Compulsory Subject) सेमेस्टर 3 के नए सिलेबस के अनुसार बदल जाएगा।
Semester 3 के परीक्षा फॉर्म बहुत जल्द ERP पोर्टल पर शुरू होने वाले हैं। B.A. Semester 3 के सभी विषयों के सिलेबस, क्लासेज, महत्वपूर्ण प्रश्न और शानदार नोट्स के लिए आप हमारे Bikaner (Mitradhya) प्लेटफॉर्म और YouTube चैनल से जुड़ सकते हैं।
दोस्तों, सेमेस्टर 2 का पड़ाव पार करके प्रथम वर्ष पूरा करने के बाद अब बारी है द्वितीय वर्ष यानी B.A. Semester 3 में और भी बेहतरीन परसेंटेज बनाने की! आपके अपने भरोसेमंद प्लेटफॉर्म Bikaner (मित्राध्य Classes) पर B.A. के सभी प्रमुख विषयों (History, Political Science, Geography, Hindi Literature, Sociology आदि) के नए सेमेस्टर सिलेबस के अनुसार अति-महत्वपूर्ण क्लासेज, AI आधारित आसान रिवीजन नोट्स, टेस्ट सीरीज और वन-वीक सीरीज उपलब्ध हैं।
यूनिवर्सिटी की हर ऑफिशियल अपडेट, फॉर्म की तारीख, टाइम-टेबल और फ्री स्टडी मटेरियल सबसे पहले पाने के लिए आज ही हमारे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें (सभी ऑफिशियल लिंक नीचे दिए गए हैं):
mgsubikaner.ac.in / erp.univindia.net) पर जारी अधिसूचना को ही अंतिम माना जाए।


